Daily Archives: 2012/08/17

स्त्री विरोधी दृष्टि बनाम पोर्नोग्राफी

इन दिनों शालिनी माथुर के लेख ‘व्याधि पर कविता या कविता की व्याधि’ ने धमाल मचाया हुआ है। हिन्दी साहित्य में ऐेसे धमाल पहले भी होते रहे हैं। कभी आलोचना के क्षेत्र में तो कभी कविता और कहानियों के क्षेत्र … Continue reading

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