Monthly Archives: December 2015

‘ये साल भी यारों बीत गया’ —– गौहर रज़ा

ये साल भी यारों बीत गया कुछ खू़न बहा कुछ घर उजड़े कुछ कटरे जल कर ख़ाक हुए एक मस्जिद की ईंटों के तले हर मसला दब कर दफ्न हुआ जो ख़ाक उड़ी वह ज़ेहनो पर यूं छायी जैसे कुछ … Continue reading

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जीएसटी का जंजाल: किसी का बोझ, किसी के सिर —- देविंदर शर्मा

कल्पना कीजिए कि मेरा पड़ोसी अपने घर को नए सिरे से सजा-संवार रहा है. हर पुरानी चीज को हटाकर नए सिरे से नई तकनीक के साथ घर की साज-सज्जा का काम हो रहा है. मुझे भरोसा है कि नया घर … Continue reading

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‘छोटा भीम’ का सन्देश – शिवकुमार राधाकृष्णन

‘छोटा भीम’ टेलीविजन सीरियल बच्चों के बीच और बड़ों के बीच भी बहुत लोकप्रिय है। कई भाषाओं में यह रोज प्रसारित किया जाता है। इसके दर्शक लाखों में हैं और यह कई वर्षो से लगातार दिखाया जा रहा है। इसकी … Continue reading

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