Daily Archives: 2018/08/01

खून की पंखुड़ियां – गुगी वा थ्योंगो

कैद हमेशा यातनादायी नहीं होती, विशेषकर उस वक्त जब आप किसी शानदार किताब की गिरफ्त में हों। मेरा पिछला हफ्ता ‘गुगी वा थ्योंगो’ के मशहूर उपन्यास ‘‘खून की पंखुड़ियां’’ की शानदार गिरफ्त में बीता। इस उपन्यास का अन्तिम पन्ना पलटते … Continue reading

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